Translations:Original sin/44/hi
परमेश्वर का यह प्रिय पुत्र (यीशु) मरियम की आत्मा और परमेश्वर की आत्मा के पवित्र मिलन से उत्पन्न हुआ, जिसमें पवित्र आत्मा (Holy Spirit) के सर्वोच्च दीक्षित (initiate) संत जर्मेन (Saint Germain) — जो यूसुफ (Joseph) के रूप में अवतरित हुए — की भूमिका बताई गई है।
यीशु “उद्धार प्राप्त स्त्री” का पहला फल (first fruit of woman redeemed) थे।
मरियम “Ma-Ray” अर्थात “मदर रेज़/माता किरण” बन गई थीं। उन्होंने “दस की परीक्षा” (test of the ten) उत्तीर्ण की, जिसे हव्वा (Eve) असफल रही थी।
उनकी कुंवारी अवस्था (virginity) का अर्थ था उनके भीतर स्थित क्राइस्ट चेतना (Christ within) और कॉस्मिक क्राइस्ट (Cosmic Christ) के प्रति उनकी आज्ञाकारिता।
उन्हें निर्देश और दीक्षाएँ (instructions and initiations) उनके भक्त माता-पिता अन्ना (Anna) और जोआकिम (Joachim) के माध्यम से, और एस्सीन मंदिर (Essene temple) में प्रारंभिक प्रशिक्षण के दौरान उनकी बहनों के माध्यम से, तथा अंत में महादूत गेब्रियल (Archangel Gabriel) के माध्यम से प्राप्त हुईं।