Translations:Original sin/34/hi
ईश्वर की ऊर्जा की पुरुष त्रिमूर्ति (masculine trinity) के दुरुपयोग के कारण जो पूर्णता (wholeness) खो गई, उसी ने पुरुष और स्त्री को पदार्थ-लोक (Matter sphere) तक सीमित कर दिया।
अपने भीतर स्थित आत्मिक ध्रुव (inner Spirit polarity) के साथ शुद्ध संपर्क खो देने के कारण वे अब अपने भीतर त्रिगुण ज्योति (threefold flame) में विद्यमान ईश्वर की उभयलिंगी (androgynous) चेतना का अनुभव नहीं कर सके।
इस पूर्णता के खो जाने के कारण वे अब प्रकाश-किरणों (light rays) के प्रक्षेपण द्वारा संतान उत्पन्न करने में सक्षम नहीं रहे, जैसा कि शुक्र ग्रह (Venus) की अधिक विकसित सभ्यताओं द्वारा किया जाता है, जो ईथरिक लोक (etheric plane) से नीचे नहीं उतरी हैं।