Translations:Original sin/32/hi
पुरुष और स्त्री, अपनी निष्कलंकता (innocence) के श्वेत-अग्नि (white-fire) केंद्र में एकीकृत (androgynous) अवस्था में थे और अदन (Eden) की चेतना में पूर्णता (wholeness) का अनुभव करते थे।
मसीह-ज्योति (Christ Flame) के दुरुपयोग के कारण उन्होंने अपनी वह पूर्णता खो दी और वे प्रभु परमेश्वर के सामने नग्न खड़े हो गए।
इस प्रकार, लेखक के अनुसार, लूसीफेरियों (Luciferians) का मूल पाप — जिसने पहले मानव जाति के पतन और फिर आदम और हव्वा के पतन को जन्म दिया — 'त्रिगुण ज्योति' (Threefold Flame) का दुरुपयोग था, अर्थात् पिता (Father), पुत्र (Son) और पवित्र आत्मा (Holy Spirit) की शक्ति का विकृतिकरण (perversion)।