Translations:Original sin/16/hi

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ऑगस्टीन का विश्वास था कि आदम की सभी संतानों पर उसकी वासना (lust) का प्रभाव पड़ा है।

उनके शब्दों में, आदम की "शारीरिक वासना" (carnal concupiscence) ने "उसकी वंशावली से उत्पन्न होने वाले सभी लोगों को भ्रष्ट कर दिया।"

दूसरे शब्दों में, लेखक के अनुसार, एक व्यक्ति (आदम) की वासना के कारण सभी बच्चे पापी अवस्था में जन्म लेते हैं। [1]

  1. संत ऑगस्टीन की पुस्तक "On the Merits and Forgiveness of Sins, and on the Baptism of Infants" (पापों के गुण-दोष, क्षमा और शिशुओं के बपतिस्मा पर), पुस्तक 1, अध्याय 10; यह लेख Nicene and Post-Nicene Fathers नामक संग्रह के खंड 5, पृष्ठ 19 में प्रकाशित है।