Translations:Karma/32/hi
उन्होंने बताया कि स्वयं को अपरिवर्तनीय भाग्य के हवाले करने की अपेक्षा पुनर्जन्म हमें अपने भविष्य को बदलने में सहायता करता है। वर्तमान में किये अच्छे कर्म एक खुशहाल भविष्य का निर्माण करते हैं। धम्मपद में कहा गया है, “जब एक आदमी - जो लंबे समय से अपने परिवार से दूर है - वापिस लौटता है तो उसके रिश्तेदार, शुभचिंतक और दोस्त खुशी के साथ उसका स्वागत करते हैं, ठीक उसी प्रकार एक जीवन किये गए अच्छे कर्म दूसरे जीवन में उन कर्मों का शुभ फल देते हैं। [1]
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