Translations:Gautama Buddha/32/hi
यह घटना लौकिक महत्व की थी।सभी सृजित वस्तुओं ने सुबह की हवा को अपने आनंद से भर दिया और पृथ्वी उत्सुकता से भर गयी। दस हजार आकाशगंगाओं ने पृथ्वी को आदरपूर्वक आशीर्वाद दिया जैसे हर पेड़ पर कमल खिले हो जिससे पूरा ब्रह्मांड "हवा में घूमते हुए फूलों के गुलदस्ते" में बदल गया। [1]
- ↑ हूस्टन स्मिथ, द रेलीजस ऑफ़ मेन (न्यूयोर्क: हार्पर एंड रौ, हार्पर कोलोफॉन बुक्स, १९५८) पृष्ठ ८४ (Huston Smith, The Religions of Man [New York: Harper & Row, Harper Colophon Books, 1958], p. 84.)