ईश्वर के पुत्र और पुत्रियाँ
(1) परमेश्वर के पुत्र और पुत्रियाँ वे हैं जो अल्फ़ा और ओमेगा (Alpha and Omega) की दिव्य ऊर्जा-धाराओं (Spirals) के पवित्र मिलन के फलस्वरूप प्रकट होते हैं; वे जिनके साथ इम्मानुएल (Immanuel) के रूप में मसीह (Christ) विद्यमान हैं। वे पिता-माता परमेश्वर (Father-Mother God) अर्थात् एलोहिम (Elohim) की वह सृष्टि हैं, जो दिव्य "हम" (Divine Us) के स्वरूप और समानता (Image and Likeness) में रची गई है, और जिसकी पहचान जीवन की त्रिविध ज्योति (Threefold Flame of Life) से होती है, जो उनके हृदय में स्थापित है।
संक्षिप्त अर्थ
(2) आध्यात्मिक पथ (Path) पर "परमेश्वर के पुत्र और पुत्रियाँ" (Sons and Daughters of God) शब्द एक ऐसी दीक्षा (Initiation) के स्तर और आध्यात्मिक पद (Rank) को दर्शाता है, जो "परमेश्वर की संतान" (Children of God) कहलाने वालों से उच्च होता है। यहाँ "संतान" से अभिप्राय उन लोगों से है जिन्होंने अभी तक पवित्र अग्नि (Sacred Fire) की वे दीक्षाएँ पूरी नहीं की हैं, जो उन्हें मसीह (Christ) के साथ संयुक्त उत्तराधिकारी (Joint-heirs with Christ) कहलाने का अधिकारी बनाती हैं। इसलिए ऐसे उच्च दीक्षित साधकों को "परमेश्वर के पुत्र और पुत्रियाँ" कहा जाता है।
स्रोत
Mark L. Prophet and Elizabeth Clare Prophet, Saint Germain On Alchemy: Formulas for Self-Transformation.