Translations:Original sin/6/hi
प्रारंभिक धर्मशास्त्रियों (theologians) ने यह विचार प्रस्तुत किया था कि मनुष्य की दुःखद और पतित स्थिति किसी न किसी रूप में अदन की वाटिका (Garden of Eden) में आदम और हव्वा के पतन (Fall) से जुड़ी हुई है। लेकिन संत ऑगस्टीन (ईस्वी 354–430) ने इस विचार को व्यवस्थित रूप देकर उस सिद्धांत का रूप दिया, जो आज भी ईसाई धर्मशास्त्र की एक आधारशिला (cornerstone) माना जाता है—'मूल पाप' (Original Sin)।